महर्षि टाइम्स
बलिया। नरही में स्थित नरहेजी महाविद्यालय में एक सप्ताह तक चलने वाले बजरंग दल के शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के चौथे दिन बजरंग दल के प्रांत संयोजक आदरणीय दुर्गेश प्रताप राव ने बजरंग दल के युवा कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए सभी को बजरंग दल की स्थापना एवं उद्देश्य बताते हुए कहा कि अयोध्या में " श्रीराम जानकी रथ यात्रा" को तत्कालीन सरकार ने जब सुरक्षा देने से मना कर दिया तो वह संत समाज के आह्वान पर विश्व हिन्दू परिषद द्वारा 8 अक्तूबर 1984 को अयोध्या में राम कार्य के लिए उपस्थित युवाओं का दल गठित किया गया जिसे "बजरंग दल" का नाम दिया गया। जिस प्रकार हनुमान जी प्रभु श्रीराम के कार्य के लिए आतुर रहते उसी प्रकार बजरंग दल श्रीराम कार्य के लिए के लिए और सुरक्षा के लिए तत्पर रहता है I इसकी स्थापना के पश्चात देश के युवाओं ने तत्परता से भाग लिया बजरंग दल अपने जयघोष "सेवा, सुरक्षा, और संस्कार को चरितार्थ करते हुए प्रभु श्रीराम, देश एवं धर्म के लिए तत्पर हैं। बजरंग दल किसी के विरोध में नहीं बल्कि हिन्दू समाज की सेवा और रक्षा के लिए गठित हुआ है। साथ ही उन्होंने श्रीराम मंदिर आंदोलन में बजरंग दल के योगदान को विस्तृत करते हुए कहा कि अपनी स्थापना के मात्र 3 वर्ष में ही सन् 1987 में अयोध्या राम मंदिर का ताला खुलवाया गया एवं श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के विभिन्न चरणों को सफलतापूर्वक पूर्ण करते हुए 30 अक्तूबर एवं 2 नवंबर 1992 में कारसेवा की एवं अपने प्राण न्यौछावर किए एवं 6 दिसंबर को हिन्दू समाज पर वर्षो से लगे कलंक बाबरी मस्जिद का विध्वंस किया। इसके पश्चात बजरंग दल के उद्देश्यों को बताते हुए कहा कि बजरंग दल का उद्देश्य हिन्दू संस्कृति (गौ, गीता गायत्री) की रक्षा करना, राष्ट्र की सेवा करना, पर्यावरण संरक्षण एवं आतंकवादी और घुसपैठियों को रोकना है I
उक्त अवसर पर प्रांत सह संगठन मंत्री दीपेश जी, प्रांत सह मंत्री मंगलदेव चौबे, प्रांत संयोजक दुर्गेश प्रताप राव, जिलाध्यक्ष राजीव सिंह "चंदेल", जिला मंत्री अरविंद मिश्रा, अविनाश त्रिपाठी, सह व्यवस्था प्रमुख दीपक गुप्ता, संयोजक प्रतीक राय, अरुण सिंह, विपिन गुप्ता,प्यारेलाल पाण्डेय, रामनिवास शर्मा आदि उपस्थित रहे।
