प्राविधिक शिक्षा प्राप्त कर प्रदेश के युवा हो रहे है स्वावलंबी

MAHARSHI TIMES
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महर्षि टाइम्स 

बलिया। प्रदेश के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिये तकनीकी शिक्षा एक महत्त्वपूर्ण आवश्यकता है। तकनीकी शिक्षा विकास की धुरी है. जो प्रदेश को न केवल औद्योगिक विकास अपितु कृषि उत्पादन को बढ़ाने में भी महती भूमिका निभा रही है। प्राविधिक शिक्षा विभाग उद्योगों में नित्य हो रहे प्रौद्योगिकी उन्नयन के अनुरूप औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुसार प्रदेश में कुशल प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करने हेतु सतत् प्रयत्नशील है। प्रदेश सरकार का प्राविधिक शिक्षा विभाग तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, जेण्डर गैप भरने, दिव्यांगो, अल्पसंख्यकों तथा अनुसूचित जाति अनुसुचित जनजाति के शैक्षिक एवं आर्थिक विकास हेतु तकनीकी शिक्षा को सर्वसुलभ व सार्वभौमिक बनाने के लिये कृत संकल्पित है। प्रदेश सरकार का सार्थक प्रयास है कि तकनीकी संस्थाओं में दिये जा रहे तकनीकी प्रशिक्षण का स्तर, औसत राष्ट्रीय स्तर से उच्च हो एवं प्रशिक्षण प्राप्त युवक न केवल स्वावलम्बी बन सके अपितु प्रतिस्पर्धा के काल में ग्लोबल मार्केट में अपनी ग्लोबल उपस्थिति स्थापित कर देश के लिये विदेशी मुद्रा के अर्जन में अपना योगदान प्रदान कर सके।

प्रदेश में प्राविधिक शिक्षा का डिप्लोमा स्तरीय 201 राजकीय संस्थायें एवं 19 अनुदानित संस्थायें अर्थात 220 पोलिटेक्निक संस्थायें शासन द्वारा स्वीकृत है। जिसमें से वर्तमान में 147 राजकीय एवं 19 अनुदानित तथा 18 संस्थायें पीपीपी मोड में अर्थात 184 संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान  करने हेतु शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिय 54127 प्रवेश क्षमता निर्धारित की गयी है, जिस पर प्रवेश कराकर छात्र- छात्राओं को तकनीकी शिक्षा दी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश की पॉलीटेक्निक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रवेश हेतु 20 प्रतिशत कोटा निर्धारित है। दिव्यांगजनों के लिए 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी लागू है। पॉलीटेक्निक संस्थाओं में छात्राओं को छात्रावास की सुविधा प्रदान करने हेतु प्रत्येक पॉलीटेक्निक संस्था में कम से कम 01 महिला छात्रावास बनाये जाने का लक्ष्य है, जिसके अन्तर्गत वर्तमान में 20 महिला छात्रावास निर्माणाधीन है। प्रदेश के हर मण्डल में कम से कम 01 महिला पोलीटेक्निक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अन्तर्गत 06 महिला पॉलीटेक्निक निर्माणाधीन है। राजकीय पालीटेक्निकों में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु एआईसीटीई मानकों के आधार पर अब तक 89 पालीटेक्निकों में लैंग्वेज लैब की स्थापना की जा चुकी है तथा छात्र/छात्राओं को ऑनलाईन एवं इण्टरनेट के माध्यम से शिक्षण प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु प्रदेश की संचालित राजकीय संस्थाओं में 183 स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है। 

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्धारित लक्ष्य प्रदेश को वन ट्रीलियन इकोनामी बनाने के दृष्टिगत प्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योगों को आधुनिक प्रौद्योगिकी में दक्ष मैनपावर उपलब्ध कराने के दृष्टिगत सत्र 2022-23 के अन्तर्गत 04 पाठ्यक्रम यथा डाटा सांइस एवं मशीन लर्निंग, इण्टरनेट आफ थिंग्स, साइबर सेक्यूरिटी एवं ड्रोन टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण प्रारम्भ किया गया है। इसके अन्तर्गत हजारो छात्र/छात्रायें प्रशिक्षण ले रहें है। सरकार द्वारा सीधी भर्ती के पदो पर राजकीय पोलिटेक्निकों में समूह ‘‘ख’’ संवर्ग के कुल 466 पदों पर अभ्यर्थियो की नियुक्ति की गई है, उसी प्रकार समूह ‘‘ग’’ के रिक्त पदों पर 483 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई है। डॅा0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय द्वारा केन्द्रीय प्लेसमेंट सेल के माध्यम से विगत एक वर्ष में लगभग 5000 से अधिक रोजगार के अवसर सम्बद्ध संस्थानों के विद्यार्थियों को उपलब्ध कराये गये। विश्वविद्यालय द्वारा माह फरवरी, 2024 में मेगा जाब फेयर का आयोजन किया गया है, जिसमें 50 से अधिक एम०एन०सी० को आमन्त्रित किया गया, जिसके माध्यम से 2000 से ज्यादा छात्र-छात्राओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हुये । प्रदेश के छात्रों को अधिकाधिक तकनीकी शिक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से जनपद मिर्जापुर, प्रतापगढ़, गोण्डा व बस्ती में राजकीय इंजीनियरिंग कालेजों की स्थापना की गयी है तथा वर्ष 2023-24 से मेंटोर संस्थानों में पठन-पाठन प्रारम्भ कर दिया गया है। शैक्षिक वर्ष 2024-25 से पठन- पाठन कार्य उन संस्थानों में प्रारम्भ हो गया है।प्रदेश सरकार द्वारा प्रविधिक शिक्षा में दी गई सुविधाओं से प्रदेश के छात्र-छात्राएं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर हो रहे है।

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