स्थायी भवन का नहीं है इंतज़ाम, स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव
महर्षि टाइम्स
चितबड़ागांव बलिया । नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय वर्षों से किराए के मकान में संचालित हो रहा है। न तो इस केंद्र के पास स्थायी भवन है और न ही अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं। इसके बावजूद यहां मरीजों की रोज़ाना अच्छी-खासी आवाजाही बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह चिकित्सालय बिना किसी स्पष्ट व्यवस्था के चल रहा है। न तो भवन स्वास्थ्य मानकों पर खरा उतरता है, न ही चिकित्सकीय उपकरणों की समुचित व्यवस्था है। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में मरीजों की न तो सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है और न ही चिकित्सा सेवा की गुणवत्ता। सवाल यह उठता है कि क्या इतने लंबे समय तक किराए के भवन में इस तरह की स्वास्थ्य सेवा चलाना उचित है।इस संबंध में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी आनंद सिंह कुशवाहा ने बताया कि चिकित्सालय के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध कराने को लेकर लगभग दो माह पूर्व जिलाधिकारी को पत्राचार किया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शासन-प्रशासन इस ओर शीघ्र संज्ञान ले और चिकित्सालय को उचित स्थान पर स्थानांतरित कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए।
