प्रदीप कुमार पाण्डेय।
गाजीपुर। जनपद के थाना कोतवाली मुहम्मदाबाद क्षेत्र में देशभक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब सैकड़ों की संख्या में नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लेकर आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई। यह तिरंगा यात्रा हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों द्वारा पर्यटकों की निर्मम हत्या के विरोध में तथा भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को समर्थन देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।यात्रा की शुरुआत ऐतिहासिक शाहनिंदा हनुमान मंदिर से हुई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, छात्र-छात्राएं, समाजसेवी, व्यापारी और आम नागरिक सभी देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर इसमें सम्मिलित हुए। यात्रा के मार्ग में "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्", और "भारत जिंदाबाद" जैसे जोशीले नारों से वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो उठा।मुख्य अतिथि अभिनव सिन्हा के नेतृत्व में यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई शहीद पार्क पहुंची, जहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने भारतीय सेना की वीरता और साहस को नमन करते हुए, देशवासियों से अपील की कि वे आतंकवाद के विरुद्ध एक स्वर में खड़े हों।सभा में बोलते हुए कृष्ण बिहारी राय, विजय शंकर राय, पीयूष राय, आनंद राय और रामजी गिरि ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए कलंक है और जो निर्दोषों का खून बहाते हैं, वे किसी धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करते। वक्ताओं ने ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना दुश्मनों को करारा जवाब दे रही है और हम सब उनके साथ हैं।सभा में यह भी संकल्प लिया गया कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को किसी भी कीमत पर आंच नहीं आने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर हर भारतवासी एक सैनिक की भूमिका निभाएगा।इस आयोजन में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। जनसैलाब ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारतवासी आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे और सेना के हर कदम में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।यह तिरंगा यात्रा केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की एकता, वीरता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन गई।
