लल्लन बाग़ी
रसड़ा (बलिया) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के फरमान का आदेश निर्देश को धज्जिया उड़ा रहा है बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी जबकि नगर में 20 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे तथा जिला स्तर पस् 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाने के आदेश देने के बावजूद मनमाने तरीके से बिजली की कटौती कर महज 10 से 12 घंटे ही बिजली की सप्लाई दी जा रही है जिससे बिजली उपभोक्ताओ में आक्रोश है बताते है कि नगर में तीन फीडर (तीन भागो में) बिजली की सप्लाई देने यानी आपूर्ति के लिए बाटा गया जिसमें पहला फीडर से ग्यारह केपीए की सप्लाई नगर के थाना कोतवाली व नगर कब्जा सहित कुछ मोहल्ले में की जाती दो नम्बर फीडर से स्टेशन रोड सबस्टेशन व उत्तर पट्टी न पा केबल पानी टंकी मुन्सफ बंगला जो मुसफी न होने पर तहसीलदार बंगला केबल नाम से जाना जाता है और कोटवारी मोड तथा बीएसएनएल आपसी तक आपूर्ति की जाती है तीन नम्बर फीडर से छितौनी-रसड़ा वी तहसील क्षेत्र तक की सप्लाई की जाती है जिसमें दो नम्बर फीडर में मनमाने कटौती कर 10-12 ही सप्लाई की जाती है जिससे दो नम्बर के फीडर की बिजली कटौती से लोग परेशान रहते है अगर बिजली ट्रिप कर जाय तो घंटो बाद सप्लाई की जाती है वैसे आपूर्ति का कोई निर्धारित समय नही है यह की नगर मेंं जर्जर तारो को बदलकर केबिल लगाने के बावजूद भी सप्लाई हमेशा बाधित रहती है, कटती रहती है हर 10 से 20 25 पर ट्रिप कर जाती है या फाल्ट कर जाती है और घंटो बाद आती है और हालात यह कि मुश्किल से अगर आधा घंटा बिजली रह गई तो इस भीषण गर्मी उमस भरी गर्मी कुछ समय राहत मिलती है तो लोग धन्यवाद देते है।बताते है कुछ चाटुकार सोशल मिडिया से जुड़े तथाकथित कहे जाने वाले पत्रकार पावर हाउस में कुलर एसी लगने का समाचार प्रकाशित की मशीनें ठंड रहेगी ट्रिप नही करेगा केबिल बिछ जाने से फाल्ट नही होगा का समाचार सोशल मिडिया में बायरल कर देने से रसड़ा बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी यह समझते कि जब लोग वायरल समाचार पढ कर संतुष्ट है की बिजली नही कटेगी जिसे बिजली घंटो गायब रहती है। कोई बोलने वाला नही होता है जिससे बिजली विभाग के ये कर्मी उसका लाभ लेने से परहेज नही करते। नगर में इस समय गर्मी के मौसम का समय है घंटो बिजली कटने का सिलसिला जारी है। हालात यह कि बिजली कटने की शिकायत लीगल कनेक्शन धारी बिल भरते है लेकिन यह नही पूछते है कि बिजली नगर में कितना देने का आदेश निर्देश है। तो अन्न लीगल कनेक्शन धारी की क्या पड़ी है क्योंकि वह चोरी का बिजली जलाते है चोरी से आठ से दस एसी चलाते है और मिली भगत कर डेढ़ से दो हजार रूपये भर कर एसी का आनन्द लेते है और परेशान व होते है जो अधिक बिल आने पर साधारण सीधा साधा उपभोक्ता जिसके घर में कुलर फ्रीज तक नही केवल एल इडी बल्ब व पंखा चलाता है अधिक इन बेइमान कर्मचारी के चलते 2200 से 3000 - 4000 से अधिक बिजली का बिल का भुगतान करता है। इस संबंध में लोगो ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बिजली नगर में रोस्टर के अनुसार नही आपूर्ति की जाती है व बिजली बिल सही नही की जाती है तो आन्दोलन के लिए बाध्य होगे और शारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
