महर्षि टाइम्स
बलिया। उपयुक्त उद्योग रवि शर्मा ने जनपद के प्रशिक्षित युवाओं को सूचित किया है कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को गति प्रदान करते हुए इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने एवं सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए एक महत्वाकांक्षी नई योजना मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान दिनांक 24.01.2025 से लागू की गई है।
उपयुक्त उद्योग ने बताया कि योजना के अन्तर्गत उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की अधिकतम रु० 05.00 लाख तक की परियोजनाओं के ऋण पर ब्याज अनुदान निर्धारित किया जायेगा। लाभार्थी को परियोजना लागत अथवा अधिकतम रू० 05.00 लाख, जो भी कम हो का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में दिया जायेगा। परियोजना लागत अथवा अधिकतम रु० 05.00 लाख, जो भी कम हो के सापेक्ष बैंक/वित्तीय संस्था से लिये गये ऋण के शत-प्रतिशत त्रैमासिक ब्याज का उपादान वित्त पोषण की तिथि से अगले चार वर्षों के लिये दिया जायेगा। लाभार्थी का परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में लगाना होगा। योजनान्तर्गत CGTMSE कवरेज के लिए आवश्यक धनराशि का वहन भी 04 वर्षों तक राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।
उपयुक्त उद्योगने बताया कि योजनान्तर्गत निगेटिव परियोजनाओं (तम्बाकू उत्पाद, गुटखा, पान मशाला, अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ, कार्बोनेटेड उत्पाद, पटाखों का निर्माण, प्लास्टिक केरीबैग 40 माइक्रोन से कम तथा समय-समय पर प्रतिषिद्ध प्रति श्रेणी में वर्गीकृत उत्पाद) पर ऋण/अनुदान अनुगन्य नहीं होगा। योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए पोर्टल www.msme.up.gov.in पर आवेदन किये जायेगें। इस अभियान में इनोवेटिक परियोजनाओं को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति/ वितरण किये जायेगें।
उपयुक्त उद्योग ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक जनपद का निवासी होना चाहिये। आवेदक की आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष होनी चाहिये। आवेदक की शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 उत्तीर्ण होनी चाहिये। इण्टरमीडिएट अथवा समकक्ष को वरीयता दी जायेगी। आवेदक सरकार द्वारा सरकारी प्रशिक्षण योजनाओं जैसे विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद-एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछडा वर्ग प्रशिक्षण योजना, उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेन्ट मिशन द्वारा संचालित कौशल उन्नयन आदि में प्रशिक्षित हो अथवा किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय/शैक्षिणिक संस्थान से कौशल सम्बन्धित सर्टीफिकेट कोर्स/डिप्लोमा/डिग्री प्राप्त हो। राज्य अथवा केन्द्र सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य योजना में ब्याज अथवा पूंजी उपादान का लाभ प्राप्त न किया हो।उन्होंने बताया कि योजना पूर्णतः आनलाइन मोड में संचालित है, इसमें किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं है। योजना की अधिक जानकारी के लिये किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, बलिया में श्री जितेन्द्र सिंह यादव, सहायक प्रबन्धक से सम्पर्क किया जा सकता है। जिनका मोबाइल नं0-9454125285 है।
