महर्षि टाइम्स
रसडा (बलिया) अनुसूचित जाति के जिला अध्यक्ष परशुराम जी के नेतृत्व में शनिवार को, 17 दिसंबर को संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के संबंध में ग्राम पंचायत अठिलापुरा के दलगड़ाही चट्टी स्थित बाबा साहब के प्रतिमा के सामने व जिला कलेक्टर परिसर स्थित बाबा साहब के प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शित करते हुए जिला अधिकारी को अमित शाह को कार्यवाई करने के लिए राष्ट्रपति महोदय को संबंधित ज्ञापन देकर
कार्रवाई की मांग की अनुसूचित विभाग के जिला अध्यक्ष परशुराम जी ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर जिन्हें पूरे विश्व में आदर और सम्मान के साथ बाबा साहब के रूप में जाना जाते है बाबा साहब भारतीय संविधान के निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रणेता थे उनका सारा जीवन संघर्ष और उपलब्धियों का प्रतीक है उन्होंने सदियों से वंचित और शोषित समाज को समानता न्याय और अधिकार दिलाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। बाबा साहब ने जातिवाद असमानता और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष करते हुए न केवल देश को एक न्याय संगत समाज का सपना दिखाया बल्कि उसे संविधान के रूप में साकार भी किया। आपके विचारों और दूरदर्शिता ने देश को एक ऐसा संविधान दिया जो धर्म जात्ति लिंग और क्षेत्रीय असमानताओं से ऊपर उठकर हर नागरिक को समान अधिकार प्रदान करता है उनके योगदान को भारतीय इतिहास में सबसे महान उपलब्धियों में से एक माना जाता है।ऐसे महान समाज सुधारक जिनका देश का दलित समाज भगवान के रूप में मानता है और उनके करोड़ों करोड अनुयायी है उनके खिलाफ देश के सबसे बड़ी पंचायत, भारत की संसद, जहाँ वह देश के पहले कानून मंत्री थे, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी न केवल उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई है बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की भावनाओं, अम्बेडकरवादियों व उनके प्रति आस्था का भी अपमान है केंद्रीय गृहमंत्री का बयान हमारे समाज में नफरत और असमानता को बढ़ावा देने का प्रयास है जो एक अक्षम्य अपराध ही नहीं हमारे गणतंत्र के लिए गभीर खतरा है ऐसे में उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी पर कठोर कार्रवाई किया जाना नितांत आवश्यक है।सभी कांग्रेसियों ने ज्ञापन के माध्यम से माग कीये हैं कि केंद्रीय गृहमंत्री बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से गाफी मांगे और अपने पद से इस्तीफा दें। देश के प्रधानमंत्री अपने गृहमंत्री को बचाने का कार्य न करें बल्कि उन्हें तत्काल बर्खास्त करें क्योंकि उनकी बाबा साहब के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी देश की सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है। मुख्य रूप से शेषनाथ, राजेंद्र ,मुन्ना, रामचंद्र, अंगद, मुकेश, बिंदु उपस्थित रहे
