रिपोर्ट ललन बाग़ी
रसड़ा (बलिया) प्रभु यीशु के आगमन के पूर्व क्रिसमस इस बार भी पुरी भव्यता व उल्लास पूर्वक वातावरण में मनाया जायेगा।क्षेत्र के प्रमुख गिरजाघर में राघोपुर के (अठिलापुरा) मार्ग के गिरजाघर, मिशन परसिया मिशन बैजलपुर मिशन गिरजाघर रसड़ा मिशन रसडा बाहरी मिशन आदि के सभी लगायात चर्च में 24 दिसम्बर को मध्य रात्रि को विशेष प्रार्थना के साथ प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मनाया जायेगा। यहां के सभी चर्च में मध्य रात्रि को एक साथ (कैरोल) गीता से गूंजेगी। क्रिसमस पर्व के मनाने के संबंध में गिरजाघर परसिया (मिशन परसिया) के फादर मैथ्यू कत्यानी ने बताया कि प्रभु यीशु के जन्मोत्सव पर क्रिसमस का महौल (सिस्त)जयंती गीत (कैरोल गीत) नवजात शिशु,प्रभु ईसामसीह की झांकी (चरनी)चर्च एवं घर की सजावट के साथ ही क्रिसमस ट्री भी सजाया जा चुका है।इस तरस सभी तैयारियां पुरी की जा चुकी है सभी जन प्रभु की दर्शन की इंतजार में है उन्होने प्रभु यीशु के आगमन व अवतरित के संबंध में कहा कि बाइबिल मेंं कहा गया , व लिखा गया है कि एक कुंआरी गर्भवती के कोख से एक शिशु पुत्र का जन्म लेगा और उसका नाम एम्मानुएल रखा जायेगा जिसका अर्थ यह की ईश्वर हमारे साथ है जिससे हम सभी 24 दिसम्बर को संध्या के समय इसाई समुदाय एकत्रित होते है प्रभु के मध्य रात्रि तक आगमन मानव रूप में होने पर जयघोष के साथ पुजा विधिविधान से कैरोल गीत से गुणगान करते हुए दर्शन करते हुए जय घोष कर घंटा बजाते है और शोभा यात्रा झांकी निकाल कर गिरजाघर में स्थापित करते है स्थापित करने के पश्चात 25 दिसम्बर को एक विशाल साज सज्जा,व सजावट कर प्रभु यीशु के जीवन पर अधारित झांकी सजा कर जन्मोत्सव मनाते है।जन्मोत्सव पर याद करते हूए सेंटाक्लास बनकर दीन दुखियों को उपहार स्वरूप मदद व उपहार बांटते है बच्चो को खिलौना आदि उपहार भेट करते हुए उनके बताये रास्ते पर चलने का संकल्प लेते है क्रिसमस डे पर, क्रिसमस का पर्व मनाते है।

