महर्षि टाइम्स
सिकंदरपुर (बलिया) - तहसील क्षेत्र के एकईल स्थित नवीन मंडी के परिसर में बुधवार को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (एसएमएई) के योजनान्तर्गत विकास खंड स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी/ फिल्ड-डे का आयोजन किया गया। सबसे पहले उन्नतशील कृषक उत्पादक संगठन सहकारी समिति लिमिटेड एफटीओ कार्यालय का फीता काट कर उद्धघाटन मान्धाता सिंह के द्वारा किया गया। इसमें किसानों को कृषि विभाग से संबंधित योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, बीज शोधन आदि पर विस्तार से बताया गया।
उन्नतिशील कृषक उत्पादक संघ सहकारी समिति लिमिटेड के संचालक संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि खेती में अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग व प्राकृतिक खेती आज की आवश्यकता है। जागरूकता व सावधानी से प्राकृतिक खेती के जरिये कम लागत में अधिक उत्पादकता प्राप्त कर किसान आमदनी बढ़ा सकते हैं। परंपरागत खेती को आधुनिक तरीके से करने के साथ किसानों को बागवानी, सब्जी व सह फसली खेती की ओर अग्रसर होना होगा। इससे उनकी अधिक से अधिक आमदनी हो सकेगी। मांधाता सिंह ने कहा कि खेती-किसानी यहां की आमदनी का बड़ा जरिया है। देश की सबसे अच्छी उर्वर भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन उत्तर प्रदेश में है। यहां की भूमि की उर्वरता व जल संसाधन की ही देन है कि देश की कुल कृषि योग्य भूमि का 12 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद देश के खाद्यान्न उत्पादन में अकेले उत्तर प्रदेश का योगदान 20 प्रतिशत का है। इसे अभी तीन गुना तक बढ़ाए जाने की संभावना है। फसल उत्पादन में रबी का सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इसमें भी मुख्य फसल गेहूं की होती है। गेहूं उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में नंबर एक पर है। हर जिले में कृषि विज्ञान केंद्रों से परामर्श, समय पर बीज व पानी की व्यवस्था कर सरकार किसानों की भरपूर मदद कर रही है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान विजय सिंह, मोहम्द रबानी, कुबेर यादव, परशुराम यादव, रामा प्रसाद जायसवाल, कमलाकांत सिंह, भृगुनाथ सिंह, विनोद कुमार, जितेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार वर्मा, हरिशंकर वर्मा, सुमन, ममता, माधुरी, सुमिता, सरिता, सावित्री, रीता, उषा, बबिता, कांति, सूर्यभान यादव, बृजेश, ललन, रामनरेश, सुखारी शर्मा, दीनानाथ चौहान, सहित दर्जनों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
