शैलेश सिंह
बलिया । पूर्व मंत्री और तत्कालीन सरकार के नेताप्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गाँव गोसाईपुर पहुँचा तो क्षेत्रीय गाँव के हजारों लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पहुँच गये । देर रात तक उनके घर पहुँच कर नम आंखों से लोगों का श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा ।
रविवार को 11 बजे उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजी अर्थी पर रखा गया । स्व0 चौधरी जी को उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर एवं क्षेत्रधिकारी के नेतृत्व में दर्जनों पुलिस जवानों ने "गार्ड ऑफ ऑनर" दिया । इस अवसर पर उपस्थित हजारों समर्थकों ने "रामगोविंद चौधरी अमर रहे और जब तक सूरज-चाँद रहेगा- तब तक रामगोविंद जी का नाम रहेगा" का गगनभेदी नारा लगाते रहे । पूर्व मंत्री का शवयात्रा जब उनके घर से प्रारम्भ हुई तो सैकड़ों लोग फूट-फूट कर रोने लगे । शवयात्रा में हजारों की संख्या न सिर्फ बलिया जनपद के लोग व नेता शामिल रहे बल्कि पूर्वांचल के कई जनपदों विधायक व नेता अपनी पार्टी के सीमाओं को लांघ कर शामिल रहे । शवयात्रा स्व0 चौधरी जी के घर से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित एक बगीचे तक सम्पन्न हुई और वही चिता पर पूर्व नेताप्रतिपक्ष के पार्थिव को रख कर अंतिम संस्कार किया गया । मुखाग्नि उनके पुत्र रंजीत चौधरी ने दिया ।
स्व0 चौधरी जी के शवयात्रा व उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में में प्रमुख रूप से सलेमपुर सांसद रामशंकर विद्यार्थी,पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी, विधायक संग्राम सिंह यादव, मोहम्मद रिजवी, जयप्रकाश अंचल , विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह 'पप्पू' , पूर्व विधायक संजय यादव,राजधारी सिंह,मंजू सिंह, टुन जी पाठक, कमलेश सिंह डॉ0 विपुलेन्द्र सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सुनील मौर्या, सीमा राजभर, श्याम बहादुर सिंह, चन्द्रशेखर सिंह,वंशीधर यादव , तारकेश्वर मिश्रा, यशपाल सिंह,सुशील पांडेय 'कान्ह जी' बीरबल राम,संजय मिश्रा,बिनायक मौर्या, अनिल राय,शैलेश सिंह, दशरथ यादव सहित हजारों लोग शामिल रहे ।
इस अवसर पर सपा प्रवक्ता सुशील पाण्डेय "कान्ह" जी ने बताया कि स्व0 चौधरी जी प्रदेश के सिर्फ कदावर नेता नही थे,बलिया जनपद के समाजवादी परिवार के लिये उनकी भूमिका सदैव एक अभिभावक के रूप में रही है , हम सब इस क्षतिपूर्ति को कभी भी भरपाई नही कर पायेंगे । उन्होंने बताया कि जनपद विभिन्न जगहों पर में स्व0 चौधरी जी के श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जायेगा ।






