महर्षि टाइम्स
बलिया। जनपद में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बकरी पालन योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि अनुदान संख्या-15 के तहत संचालित बकरी पालन योजना में 10 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। योजना में 90 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा, जबकि 10 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक इकाई में 5 मादा बकरियां और 1 नर बकरा क्रय कराया जाएगा। प्रति इकाई कुल 60 हजार रुपये की लागत निर्धारित है, जिसमें 54 हजार रुपये सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दिए जाएंगे तथा 6 हजार रुपये लाभार्थी अंश के रूप में चयनित व्यक्ति को अपने बैंक खाते में जमा कराने होंगे। चयनित लाभार्थियों से 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र भी लिया जाएगा, जिसमें उन्हें कम से कम तीन वर्ष तक बकरी पालन इकाई संचालित करने का वचन देना होगा। योजना की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी।
आवेदन के लिए पात्रता--
योजना के लिए वही व्यक्ति आवेदन कर सकेंगे जो बलिया जनपद के स्थायी निवासी हों तथा उनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो। भूमिहीन महिला एवं पुरुष, विधवा निराश्रित महिलाएं तथा बेरोजगार परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदक के पास बकरियों को रखने के लिए पर्याप्त स्थान होना अनिवार्य है। इसके अलावा भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण केंद्र इटावा, केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान फरह-मकदूम, मथुरा अथवा दुवासु मथुरा से प्रशिक्षण प्राप्त आवेदकों को चयन में वरीयता दी जाएगी। आवेदन के साथ लगाने होंगे ये दस्तावेज आवेदकों को आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड अथवा स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति या कैंसिल चेक तथा न्यूनतम तीन वर्ष तक बकरी पालन करने संबंधी शपथ पत्र की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न करनी होंगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि आवेदन पत्र मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय, विकास भवन बलिया एवं संबंधित विकास खंड स्तरीय पशु चिकित्सालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। भरे हुए आवेदन पत्र 26 मई 2026 तक जमा किए जाएंगे। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय बलिया अथवा संबंधित विकास खंड के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी/पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
